दिनांक:23/04/2026
रिपोर्ट by: संवाददाता जगदीश माकन
कार्रवाई न हुई तो सड़कों पर उतरेगी समाजवादी पार्टी: हापुड़ के रामनिवास इंटर कॉलेज में छात्राओं को कथित रूप से राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल कराने पर बवाल।
हापुड़ जनपद के रामनिवास इंटर कॉलेज से जुड़ा एक विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सख्त चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।

समाजवादी पार्टी और उसकी महिला सभा का आरोप है कि “महिला आक्रोश अभियान” के तहत कॉलेज की छात्राओं को कथित रूप से एक राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में शामिल कराया गया, जिसमें पुतला दहन जैसी गतिविधियां भी शामिल थीं। पार्टी का कहना है कि नाबालिग छात्राओं को बिना अभिभावकों की सहमति के इस तरह के संवेदनशील कार्यक्रम में शामिल करना उनकी सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ है।

पार्टी नेताओं ने इस पूरे घटनाक्रम में विद्यालय प्रबंधन, प्रधानाचार्य और कुछ महिला स्टाफ की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान को राजनीतिक गतिविधियों का मंच बनाना शिक्षा विभाग के नियमों और मान्यता की शर्तों के खिलाफ है। यह न केवल शिक्षा की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि छात्राओं के भविष्य और सुरक्षा को भी खतरे में डालता है।समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि इस दौरान कोई अप्रिय घटना घटित हो जाती, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विद्यालय प्रशासन और कार्यक्रम आयोजकों की होती। ऐसे में इस मामले में जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है।

पार्टी और महिला सभा ने जिला प्रशासन से मांग की है कि कॉलेज के प्रबंधक, प्रधानाचार्य और संबंधित स्टाफ के खिलाफ तत्काल प्रभाव से एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को निर्देशित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो विद्यालय की मान्यता रद्द करने की संस्तुति की जाए।इसके अतिरिक्त, समाजवादी पार्टी ने कार्यक्रम से जुड़े राजनीतिक आयोजकों के खिलाफ भी सख्त विधिक कार्रवाई की मांग की है। पार्टी का कहना है कि नाबालिगों का राजनीतिक उपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और इस पर कड़ी रोक लगनी चाहिए।

समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर अपना रुख और सख्त करते हुए कहा है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेंगे।इस पूरे घटनाक्रम के बाद हापुड़ में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है और छात्राओं की सुरक्षा तथा शिक्षा व्यवस्था की गरिमा को बनाए रखने के लिए किस प्रकार की कार्रवाई करता है।



