दिनांक:29/12/2025
रिपोर्ट by: संवादाता जगदीश माकन
हापुड़ में शासनादेश की अनदेखी, डीएम के आदेश के बावजूद खुले रहे निजी स्कूल।
उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही कड़ाके की ठंड और घने कोहरे को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश के सभी जनपदों में स्कूलों की छुट्टी के आदेश जारी किए गए थे। शासन का स्पष्ट निर्देश था कि छोटे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए सभी सरकारी व निजी विद्यालयों को निर्धारित अवधि तक बंद रखा जाए।इसी क्रम में जनपद हापुड़ के जिलाधिकारी द्वारा भी शीतलहर और कोहरे को देखते हुए स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जनपद के रफीकनगर क्षेत्र में स्थित भावना पब्लिक स्कूल द्वारा इन आदेशों का खुलेआम उल्लंघन किया गया।

जब जिले के अधिकांश सरकारी और निजी स्कूल पूरी तरह बंद रहे, उस समय भावना पब्लिक स्कूल में नियमित रूप से बच्चों को स्कूल बुलाया गया और कक्षाएं संचालित की जाती रहीं। घने कोहरे और अत्यधिक ठंड के बीच छोटे-छोटे बच्चों को घर से स्कूल तक आने के लिए मजबूर किया गया, जिससे अभिभावकों में चिंता और आक्रोश दोनों देखने को मिला।स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन और जिला प्रशासन के आदेश सभी स्कूलों के लिए समान होने चाहिए, लेकिन कुछ निजी स्कूल नियमों को ताक पर रखकर मनमानी कर रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब जिलाधिकारी द्वारा आदेश जारी किए जा चुके हैं, तो फिर ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।

इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आदेशों के उल्लंघन की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। न तो स्कूल प्रबंधन को नोटिस दिया गया और न ही किसी तरह की जांच की पुष्टि हुई।अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों की सेहत के साथ कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। ठंड और कोहरे में स्कूल जाने से बच्चों के बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। यदि किसी बच्चे को स्वास्थ्य संबंधी नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?

स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शासनादेश की अवहेलना करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी शिक्षण संस्थान नियमों को हल्के में न ले।फिलहाल यह मामला जनपद में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब यह देखना अहम होगा कि जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग इस पर क्या रुख अपनाते हैं या फिर आदेशों की अनदेखी करने वालों को यूं ही खुली छूट मिलती रहेगी।





