दिनांक:20/03/2026
रिपोर्ट by: संवादाता इस्तेकार चौधरी
हापुड़ में फर्जी आरक्षण प्रमाण पत्र का मामला: कार्यकाल खत्म होने से पहले ग्राम प्रधान गिरफ्तार।फर्जी दस्तावेजों के जरिए अनुसूचित जाति का लाभ लेने का आरोप, पुलिस ने प्राथमिक विद्यालय के पास से दबोचा।
जनपद हापुड़ से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां फर्जी दस्तावेजों के जरिए आरक्षण का लाभ लेने के आरोप में एक ग्राम प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई से स्थानीय प्रशासन और जांच प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मामला पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के गांव रघुनाथपुर चंद्रपुरा का है। यहां के ग्राम प्रधान हेमचंद पर आरोप है कि उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर आरक्षित श्रेणी का लाभ लिया और चुनाव जीतकर ग्राम प्रधान का पद हासिल किया।सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब जिला पंचायत राज अधिकारी के निर्देश पर खंड विकास अधिकारी कार्यालय की ओर से 24 फरवरी को थाना प्रभारी को लिखित शिकायत भेजी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होने पर पुलिस ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए ग्राम प्रधान हेमचंद को गांव चंद्रपुरा स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास से गिरफ्तार कर लिया।

इस मामले की सबसे अहम बात यह है कि यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब ग्राम प्रधान का कार्यकाल लगभग समाप्त होने वाला था। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर जांच और कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हुई।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

स्टार भारत न्यूज़ 24 की रिपोर्ट।




