हापुड़ में उन्नत किडनी उपचार की बड़ी उपलब्धि, SIMS में जटिल एवी फिस्टुला सर्जरी सफल।

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दिनांक:27/03/2026

रिपोर्ट by: संवाददाता इस्तेकार चौधरी

हापुड़ में उन्नत किडनी उपचार की बड़ी उपलब्धि, SIMS में जटिल एवी फिस्टुला सर्जरी सफल।

हापुड़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देते हुए सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड हॉस्पिटल (SIMS), हापुड़ में एक जटिल एवी (आर्टेरियोवेनस) फिस्टुला सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। इस उपलब्धि को किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, यह सर्जरी 47 वर्षीय महिला मरीज पर की गई, जो लंबे समय से क्रॉनिक किडनी डिज़ीज़ (CKD) से पीड़ित थीं और नियमित हीमोडायलिसिस पर निर्भर थीं। मरीज को डायबिटीज़ के कारण नसों की कमजोरी, शरीर में सूजन और अत्यधिक थकान जैसी जटिल समस्याएं थीं, जिससे स्थायी वैस्कुलर एक्सेस तैयार करना चुनौतीपूर्ण हो गया था।

प्रारंभ में मरीज का डायलिसिस सेंट्रल वेनस कैथेटर के माध्यम से किया जा रहा था, जो अस्थायी और जोखिमपूर्ण माना जाता है। चिकित्सकों ने दीर्घकालिक समाधान के रूप में एवी फिस्टुला बनाने का निर्णय लिया, जिसे डायलिसिस के लिए सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका माना जाता है।यह जटिल सर्जरी असिस्टेंट प्रोफेसर एवं प्लास्टिक सर्जन डॉ. शिप्रा गर्ग द्वारा सफलतापूर्वक की गई। उन्होंने मरीज के बाएं हाथ में ब्रैकियल आर्टरी और सेफेलिक वेन को जोड़कर एवी फिस्टुला तैयार किया। कमजोर नसों और जटिल स्थिति के बावजूद सर्जरी को अत्यंत सावधानी और विशेषज्ञता के साथ पूरा किया गया।

यह पूरी प्रक्रिया विभागाध्यक्ष डॉ. अमित अग्रवाल के मार्गदर्शन में एक मल्टीडिसिप्लिनरी टीम द्वारा संपन्न हुई। टीम में डॉ. खाव्या ए. आर., डॉ. मल्लिका, ऑपरेशन थिएटर टेक्नीशियन अजय और एनेस्थीसिया टीम के विशेषज्ञ शामिल रहे। सभी ने समन्वय के साथ कार्य करते हुए सर्जरी को सफल बनाया।सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है और जल्द ही उन्हें नए एवी फिस्टुला के माध्यम से नियमित डायलिसिस की सुविधा मिल सकेगी, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।

अस्पताल प्रशासन ने इस उपलब्धि को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अब हापुड़ सहित आसपास के जिलों—गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ और एनसीआर क्षेत्र के मरीजों को ऐसी जटिल सर्जरी के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. बरखा गुप्ता, वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर डॉ. आर. के. सहगल, जनरल मैनेजर एन. वर्धराजन, निदेशक रघुवर दत्त और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. चरणजीत सिंह अहलूवालिया ने पूरी टीम को बधाई देते हुए इसे संस्थान की गुणवत्ता और समर्पण का प्रमाण बताया।संस्थान के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. जे. रामचंद्रन और वाइस चेयरपर्सन राम्या रामचंद्रन ने भी इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पताल भविष्य में भी उन्नत और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

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