दिनांक:08/04/2026
रिपोर्ट by: क्राइम संवादाता कमलेश कुमार
हरदोई में ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से किसानों पर संकट, तैयार फसलें बर्बादी की कगार पर।
जिले के टोंडरपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ दिनों से हो रही बेमौसम बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं, सरसों, चना समेत अन्य फसलें मौसम की मार से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। अचानक बदले मौसम ने उस समय दस्तक दी, जब किसान कटाई की तैयारियों में जुटे हुए थे, जिससे नुकसान और भी अधिक बढ़ गया है।बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के मानपुर गांव सहित कई इलाकों में ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी फसलें गिर गई हैं। तेज हवा और बारिश के चलते गेहूं की बालियां झुक गईं, वहीं सरसों और चना की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि जिन खेतों में कटाई शुरू हो चुकी थी, वहां भी भीगी फसल अब खराब होने लगी है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ना तय है।

ओलों की मार से दाने झड़ने की समस्या सामने आ रही है, जिससे बाजार में फसल की कीमत पर भी असर पड़ सकता है। किसानों ने बताया कि पहले ही खाद, बीज और सिंचाई की लागत लगातार बढ़ रही थी, ऐसे में इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है।ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के चेहरों पर चिंता साफ देखी जा सकती है। उनका कहना है कि साल भर की मेहनत कुछ ही घंटों की बारिश और ओलावृष्टि में बर्बाद हो गई। कई किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वे कराया जाए और नुकसान के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाए।

प्रशासन की ओर से राजस्व विभाग की टीमों को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि अभी तक राहत कार्यों की कोई ठोस घोषणा नहीं हुई है। किसान उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार उनकी स्थिति को समझते हुए जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।फिलहाल, मौसम की अनिश्चितता ने किसानों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है, और आने वाले दिनों में हालात कैसे रहेंगे, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।





