हापुड़ गढ़मुक्तेश्वर और तिगरी मेले की तैयारियों का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया जायजा।

SHARE:

दिनांक:26/10/2025

रिपोर्ट by: संवादाता जगदीश माकन 

जनपद हापुड़ यूपी 

हापुड़ गढ़मुक्तेश्वर और तिगरी मेले की तैयारियों का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया जायजा।गढ़मुक्तेश्वर मेला बनेगा श्रद्धा, अनुशासन और स्वच्छता का प्रतीक : मुख्यमंत्री

लखनऊ/गढ़मुक्तेश्वर, 26 अक्टूबर:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर और अमरोहा जिले के तिगरी मेले की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने मेला स्थल का हवाई सर्वेक्षण किया और संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक कर सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़मुक्तेश्वर का यह ऐतिहासिक मेला इस वर्ष ‘मिनी कुंभ’ के रूप में आयोजित होगा। इस अवसर पर लगभग 40 से 45 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य और यातायात व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम सीएम योगी ने कहा कि गंगा घाटों पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार तैनात रहेंगी। मेले में सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी, रेस्क्यू बोट और हेल्पलाइन सेंटर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।उन्होंने निर्देश दिया कि गहराई वाले जल क्षेत्रों में बैरिकेडिंग की जाए और फ्लड यूनिट सतर्क रहे ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।

स्वच्छता और पर्यावरण पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि मेले में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जाए।घाटों की सफाई, कचरा संग्रहण और ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज शौचालय प्रणाली को प्रभावी बनाया जाए।उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं को अनुशासित रहने के लिए काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाएं।सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन की तैयारी मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि इस बार का गढ़मुक्तेश्वर मेला केवल आस्था का ही नहीं बल्कि संस्कृति और लोककला का संगम भी होगा।मेले में रासलीला, कृष्णलीला, लोकनृत्य और लोकगायन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।साथ ही पशु मेले के लिए हरा चारा, भूसा और पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासनिक समन्वय और यातायात नियंत्रण

सीएम ने कहा कि 20 से 25 किलोमीटर के दायरे में यातायात डायवर्जन योजना लागू की जाए ताकि श्रद्धालुओं को जाम का सामना न करना पड़े।उन्होंने विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति और फायर सेफ्टी सिस्टम को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए।साथ ही मेले में स्वयंसेवकों और ड्यूटी कर्मियों के भोजन-पेयजल की उचित व्यवस्था पर भी बल दिया।

गंगा पूजन और ऐतिहासिक महत्व

निरीक्षण से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा पूजन किया और मेला क्षेत्र के सदर बाजार व मोढ़ा स्टोर का अवलोकन किया।उन्होंने स्थानीय हस्तशिल्प की प्रशंसा करते हुए कहा कि गढ़मुक्तेश्वर उत्तर प्रदेश की आस्था, अध्यात्म और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है।गढ़मुक्तेश्वर का उल्लेख महाभारत और स्कंद पुराण दोनों में मिलता है। मान्यता है कि महाभारत युद्ध के बाद युधिष्ठिर, अर्जुन और भगवान श्रीकृष्ण ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए यहीं गंगा स्नान किया था।इसी स्थान पर भगवान परशुराम ने मुक्तेश्वर महादेव की स्थापना की थी।

मुख्यमंत्री का संदेश

सीएम योगी ने कहा।“गढ़मुक्तेश्वर का यह आयोजन श्रद्धा, अनुशासन और स्वच्छता का प्रतीक बनेगा। हमारा लक्ष्य है कि हर श्रद्धालु यहां से शांति और आशीर्वाद लेकर लौटे, और यह मेला व्यवस्था व अनुशासन का आदर्श उदाहरण बने।

📅 मेला अवधि: 30 अक्टूबर से 5 नवंबर 2025 तक

📍 स्थान: गढ़मुक्तेश्वर, जिला हापुड़, उत्तर प्रदेश 

हापुड़ से स्टार भारत न्यूज़ 24 की रिपोर्ट।

Read More