मानवता की मिसाल: नमाज छोड़ घायल मासूम की बचाई जान, इलियास गाजी ने पेश की इंसानियत की अनूठी तस्वीर।

SHARE:

दिनांक:20/03/2026

रिपोर्ट by: क्राइम ब्यूरो कमलेश कुमार 

मानवता की मिसाल: नमाज छोड़ घायल मासूम की बचाई जान, इलियास गाजी ने पेश की इंसानियत की अनूठी तस्वीर।

भीषण सड़क हादसे में तड़पते घायलों को देखकर जुमे की नमाज छोड़ी, समय पर अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान।

टोंडरपुर / हरदोई जिले के मझिला थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने जहां एक परिवार की खुशियों को पलभर में मातम में बदल दिया, वहीं इसी हादसे के बीच इंसानियत और कौमी एकता की एक ऐसी मिसाल सामने आई, जिसने हर किसी का दिल छू लिया।घटना नेवादा अयारी के पास की है, जहां पतरास निवासी आकाश (22) अपनी बहन सुदामा (40) और 10 वर्षीय भांजे आयुष को बाइक से शाहाबाद रेलवे स्टेशन छोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार और अनियंत्रित बोलेरो ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों लोग सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद बोलेरो चालक मौके से फरार हो गया।

हादसे के वक्त दोपहर करीब एक बजे का समय था। उसी दौरान निजामपुर निवासी इलियास गाजी अपने साथियों—यूनुस, एहसान, इस्लाम और असलम के साथ अलविदा जुमे की नमाज अदा करने की तैयारी में थे। तभी उनकी नजर सड़क पर लहूलुहान हालत में तड़प रहे घायलों, खासकर मासूम आयुष की दर्दनाक हालत पर पड़ी।मासूम की चीखें सुनते ही इलियास गाजी ने बिना एक पल गंवाए नमाज को पीछे छोड़ दिया और अपने साथियों के साथ तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। उन्होंने तत्काल एक निजी वाहन की व्यवस्था की और सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पिहानी पहुंचाया, जहां समय पर इलाज मिलने से उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आज के दौर में जहां लोग हादसों के समय मदद करने के बजाय वीडियो बनाने में व्यस्त रहते हैं, वहीं इलियास गाजी और उनके साथियों ने इंसानियत और भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए समाज को एक बड़ा संदेश दिया है।

इस पूरे मामले पर इलियास गाजी ने कहा,

“इबादत का असली मतलब ही जरूरतमंद की मदद करना है। अगर हम नमाज पढ़ने चले जाते और इन लोगों को यूं ही तड़पता छोड़ देते, तो शायद खुदा भी हमसे खुश नहीं होता।”इलियास और उनके साथियों की इस पहल ने न सिर्फ एक मासूम की जान बचाई, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।

स्टार भारत न्यूज़ 24 की रिपोर्ट।

Read More