दिनांक:30/03/2026
रिपोर्ट by: संवाददाता इस्तेकार चौधरी
हापुड़ के SIMS अस्पताल में दुर्लभ सर्जरी सफल, ENT टीम ने लेटरल थाइरोग्लॉसल सिस्ट का किया इलाज।
हापुड़। सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड हॉस्पिटल (SIMS) ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए एक दुर्लभ और जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। अस्पताल के ईएनटी विभाग ने 23 वर्षीय युवक के लेटरल थाइरोग्लॉसल सिस्ट और थायरॉयड सूजन का सफल ऑपरेशन कर चिकित्सा उत्कृष्टता का नया उदाहरण पेश किया है।जानकारी के अनुसार, मरीज काफी समय से गर्दन में असामान्य सूजन और गांठ की समस्या से परेशान था। जांच के दौरान पता चला कि उसे थाइरोग्लॉसल सिस्ट के साथ थायरॉयड से जुड़ी समस्या भी है। यह मामला इसलिए भी खास रहा क्योंकि सामान्यतः यह सिस्ट गर्दन के बीच में पाया जाता है, लेकिन इस मरीज में यह बाईं ओर स्थित था, जिससे सर्जरी और भी जटिल हो गई।

डॉक्टरों के अनुसार, सिस्ट आसपास की मांसपेशियों से जुड़ा हुआ था, जिसे हटाना काफी चुनौतीपूर्ण था। विशेषज्ञ टीम ने सिस्ट्रंक प्रक्रिया के माध्यम से ऑपरेशन किया, जिसे इस बीमारी के इलाज में सबसे प्रभावी तकनीक माना जाता है। इस प्रक्रिया में सिस्ट के साथ जुड़े ट्रैक्ट और हायॉइड हड्डी के हिस्से को भी सावधानीपूर्वक हटाया जाता है, जिससे दोबारा बीमारी होने की संभावना कम हो जाती है।इस सफल सर्जरी को ईएनटी विभाग की टीम ने अंजाम दिया, जिसमें विभागाध्यक्ष डॉ. अविनाश कुमार के नेतृत्व में डॉ. शुभम मित्तल, डॉ. नंदिनी सेठी और डॉ. प्रीति शामिल रहीं। टीम के समन्वय और सटीक कार्यशैली ने इस जटिल ऑपरेशन को बिना किसी जटिलता के पूरा किया।

अस्पताल प्रबंधन ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई दी और इसे संस्थान की बढ़ती चिकित्सा क्षमता का प्रमाण बताया। अधिकारियों का कहना है कि अब क्षेत्र के मरीजों को जटिल इलाज के लिए बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हापुड़ में ही आधुनिक सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हैं।जनजागरूकता: डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि यदि गर्दन में किसी भी प्रकार की गांठ या सूजन दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और उपचार से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।SIMS हापुड़ की यह सफलता न केवल अस्पताल के लिए, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।





