दिनांक:28/02/2026
रिपोर्ट by: संवाददाता इस्तेकार चौधरी
Saraswati College of Pharmacy में पशु-मुक्त दवा परीक्षण पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित।
हापुड़।फार्मास्यूटिकल अनुसंधान में नैतिकता और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सरस्वती ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस के अंतर्गत सरस्वती कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी में एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन मंत्रालय की समिति Committee for Control and Supervision of Experiments on Animals के सहयोग से 28 फरवरी को संपन्न हुई।

कार्यक्रम का उद्देश्य नई दवाओं के परीक्षण में पशु-मुक्त वैकल्पिक विधियों, वैज्ञानिक नवाचार और अनुसंधान नैतिकता के महत्व पर विचार-विमर्श करना रहा। कार्यशाला का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के जनरल मैनेजर एन. वरदराजन ने की।फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नितिन कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुसंधान गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक फार्मास्यूटिकल शोध में पशु-मुक्त परीक्षण पद्धतियों की आवश्यकता निरंतर बढ़ रही है और संस्थान इस दिशा में सक्रिय प्रयास कर रहा है।

मुख्य वक्ताओं में सीसीएससीए के प्रतिनिधि डॉ. विवेक त्यागी, Amity University के मॉलिक्युलर मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. सुब्रजीत विश्वास तथा Swami Vivekanand Subharti University के फार्मेसी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. शोकिंद्र कुमार शामिल रहे।डॉ. विवेक त्यागी ने भारत में पशु परीक्षण के नियामक ढांचे और सीसीएससीए की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रो. डॉ. सुब्रजीत विश्वास ने विषाक्तता परीक्षण और पूर्व-नैदानिक दवा खोज में नवाचार आधारित वैकल्पिक तकनीकों की उपयोगिता बताई। वहीं प्रो. डॉ. शोकिंद्र कुमार ने पशु अनुसंधान में नैतिक और वैज्ञानिक संतुलन स्थापित करने के उपायों को विस्तार से समझाया।

कार्यशाला में विभिन्न शिक्षण एवं शोध संस्थानों के निदेशक, शिक्षक और शोधार्थियों ने भाग लिया। संवादात्मक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से पशु-मुक्त परीक्षण तकनीकों और नियामक अपेक्षाओं पर चर्चा की। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।संस्थान के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. जे. रामचंद्रन तथा वाइस चेयरपर्सन रम्या रामचंद्रन ने कार्यशाला के सफल आयोजन पर टीम को बधाई दी। कार्यक्रम का संचालन प्रो. डॉ. अरुण कुमार और नेहा वर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. डॉ. शिव कुमार गुप्ता और डॉ. निधि त्यागी ने प्रस्तुत किया।

यह राष्ट्रीय कार्यशाला फार्मास्यूटिकल अनुसंधान में नैतिकता, वैज्ञानिक नवाचार और आधुनिक वैकल्पिक परीक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई।





