जी.एस. विश्वविद्यालय में एमडी-एमएस ओरिएंटेशन कार्यक्रम का दूसरा दिन संपन्न, छात्रों को शोध पद्धति की दी गई विस्तृत जानकारी।

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दिनांक:24/03/2026

रिपोर्ट by: संवाददाता इस्तेकार चौधरी

जी.एस. विश्वविद्यालय में एमडी-एमएस ओरिएंटेशन कार्यक्रम का दूसरा दिन संपन्न, छात्रों को शोध पद्धति की दी गई विस्तृत जानकारी।

जी.एस. विश्वविद्यालय के अंतर्गत जी.एस. मेडिकल कॉलेज, पिलखुआ में सत्र 2025–26 के एमडी एवं एमएस के नवप्रवेशित छात्रों के लिए आयोजित दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का दूसरा दिन मंगलवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को शोध कार्य, थीसिस लेखन और वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराना रहा।

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) यतीश अग्रवाल ने अनुसंधान प्रोटोकॉल लेखन और शोध विषय के चयन पर विस्तृत जानकारी देते हुए छात्रों को सही दिशा में शोध कार्य करने के लिए प्रेरित किया। वहीं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) नेहा जी. शर्मा ने शोध के उद्देश्य और लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से निर्धारित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

फार्माकोलॉजी विभाग की प्रो. (डॉ.) शिप्रा कौशिक ने शोध प्रश्न निर्माण और थीसिस प्रोटोकॉल की संरचना पर प्रकाश डाला। मनोचिकित्सा विभाग के प्रो. (डॉ.) सौरव कुमार ने साहित्य समीक्षा के महत्व को समझाया, जबकि पैथोलॉजी विभाग के प्रो. (डॉ.) सरनदीप एस. पुरी ने सामग्री एवं विधि से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी। पल्मोनरी मेडिसिन विभाग की डॉ. लविका लख्टकिया ने अनुसंधान नैतिकता और संस्थागत नियमों के पालन पर जोर दिया।

इसके अलावा ईएनटी विभाग के प्रो. (डॉ.) अभय कुमार सिंह ने वैज्ञानिक लेखन में संदर्भों के सही उपयोग और वैंकूवर शैली के बारे में जानकारी दी, जबकि पीडियाट्रिक्स विभाग की प्रो. (डॉ.) श्वेता सिंह ने डेटा विश्लेषण और साक्ष्य आधारित चिकित्सा के महत्व पर अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. प्रदीप गर्ग, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. शरद गोयल सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सक, विभागाध्यक्ष और संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने छात्रों को शोध के प्रति जागरूक और प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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