पिलखुवा में सामुदायिक भवन पर कब्जे का आरोप, नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, डीएम के आदेश के बावजूद कार्रवाई ठप।

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दिनांक:24/03/2026

रिपोर्ट by: संवादाता इस्तेकार चौधरी

पिलखुवा में सामुदायिक भवन पर कब्जे का आरोप, नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, डीएम के आदेश के बावजूद कार्रवाई ठप।

पिलखुवा के शैलेष फार्म क्षेत्र में रहने वाले कॉलोनीवासियों के बीच इन दिनों नगर पालिका को लेकर गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। मामला कॉलोनी में स्थित सामुदायिक भवन से जुड़ा है, जिसे स्थानीय लोगों के अनुसार नगर पालिका ने कब्जे में लेकर भंडार गृह में तब्दील कर दिया है। इतना ही नहीं, नगर पालिका के कूड़ा उठाने वाले वाहनों की पार्किंग भी इसी भवन परिसर में की जा रही है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

कॉलोनीवासियों का कहना है कि यह सामुदायिक भवन उनकी सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए बनाया गया था, लेकिन अब इसका उपयोग पूरी तरह बदल दिया गया है। भवन में कूड़ा वाहनों की आवाजाही और सामान के भंडारण के कारण न केवल गंदगी और दुर्गंध फैल रही है, बल्कि लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष रूप से परेशानी उठानी पड़ रही है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, उन्होंने इस समस्या को लेकर सबसे पहले नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) और चेयरमैन को अवगत कराया था, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद कॉलोनी के लोगों ने जिलाधिकारी से मिलकर अपनी समस्या रखी। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि एक सप्ताह के भीतर सामुदायिक भवन को खाली कराया जाए और कूड़ा वाहनों की पार्किंग को वहां से हटाया जाए।

हालांकि, कॉलोनीवासियों का आरोप है कि जिलाधिकारी के निर्देशों के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। करीब 20 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे लोगों में प्रशासनिक उदासीनता को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है।

कॉलोनी में पिछले दो दशकों से रह रहे देवेन्द्र शर्मा, गजेंद्र शिशोदिया, राजकुमार चौधरी और श्रीभगवान गोयल सहित अन्य निवासियों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका द्वारा लगातार ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे कॉलोनी का वातावरण खराब हो रहा है। उन्होंने बताया कि पहले कॉलोनी की बाउंड्रीवाल तोड़ी गई, फिर अंदर नगर पालिका का गेट बनाया गया और अब सामुदायिक भवन पर कब्जा कर लिया गया है।

निवासियों का कहना है कि इन कार्यों से न केवल उनकी सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं, बल्कि उनके अधिकारों का भी हनन हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।कॉलोनीवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वे कॉलोनी गेट पर धरना देंगे, नगर पालिका कार्यालय का घेराव करेंगे और जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन करेंगे।इस पूरे मामले ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक इस पर संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई करता है और कॉलोनीवासियों को राहत दिलाता है।

 

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